इस साल मई और अप्रैल-मई में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अप्रत्यक्ष कर यानी केंद्रीय एक्साइज, कस्टम्स और सर्विस टैक्स कलेक्शन में जोरदार इजाफा हुआ है। सरकार इससे खासा उत्साहित है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली इसे इकोनॉमी के सभी सेक्टर में सुधार के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
कर मई 2015 मई 2014 % बढ़ोतरी
(Rs Cr) (Rs Cr)
कुल अप्रत्यक्ष कर 49,993 36,408 37.3
केंद्रीय एक्साइज 21,809 11,838 84.2
कस्टम्स 15,700 13,539 16
सर्विस 12,484 11,031 13.2
कर अप्रैल-मई 2015 अप्रैल-मई 2014 % बढ़ोतरी
(Rs Cr) (Rs Cr)
कुल अप्रत्यक्ष कर 96,128 69,069 39.2
केंद्रीय एक्साइज 38,535 20,493 88.2
कस्टम्स 29,986 25,094 19.5
सर्विस 27,607 23,482 17.6
टैक्स कलेक्शन बढ़ने की वजह-
-डीजल, पेट्रोल पर केंद्रीय एक्साइज बढ़ना
-क्लीन एनर्जी सेस में बढ़ोतरी
-मोटर व्हीकल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर से छूट वापस लेना
-मैन्युफैक्चरिंग समेत सभी सेक्टर में सुधार के संकेत-अरुण जेटली, वित्त मंत्री
-इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी इकोनॉमी में तेजी के संकेत-
अरविंद सुब्रमणियन, मुख्य आर्थिक सलाहकार
इकोनॉमी में सुधार के अन्य संकेत-
-FY15 में भारतीय इकोनॉमी 7.3% की दर से बढ़ी
-Q1 FY16 में भारतीय इकोनॉमी 7.5% की दर से बढ़ी
-घरेलू कार बिक्री 7.73% बढ़ी
-करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD)काबू में



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